Content Writing Tips For Blogging

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एक Blogger को लिखने की कला अच्छी तरह से आनी चाहिए तभी उसके द्वारा लिखा गया Post यूजर्स को पसंद आते हैं और उनका Blog धीरे-धीरे पब्लिक में फेमस होने लगता है इसे देखते हुए गूगल भी इस तरीके के साइट को Rank करने पर मजबूर हो जाता है।

Content Writing Tips For Blogging
Content Writing Tips For Blogging

गूगल को ऐसा Contant चाहिए होता है जो यूजर्स को पसंद हो और उनके समस्याओं का समाधान मिले, फिर इस तरीके का पोस्ट भले ही SEO Friendly ना हो लेकिन क्योंकि लोगों को पसंद आ रहा है इसलिए गूगल ऐसे Content को search engine में टॉप में लाता है।

हमें अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि blogger तो अपने लिखने की कला में लगातार सुधार करते हैं लेकिन SEO Expert लिखने की कला पर ध्यान नहीं देते हैं वो सिर्फ पोस्ट को SEO Optimized करके रैंक कराने की कोशिश करते हैं।

इस पोस्ट में हम SEO Guideline को ध्यान में रखते हुए एक अच्छा पोस्ट लिखने की कला सीखेंगे क्योंकि आपके द्वारा लिखा गया सामग्री लोगों के समझ में आनी चाहिए और वो जिस प्रश्न को लेकर आपके साइट पर आए थे उसका उत्तर उन्हें मिलना चाहिए।

ब्लॉगिंग के लिए सामग्री लेखन युक्तियाँ

ब्लॉगिंग के लिए सामग्री लेखन युक्तियाँ इसके लिए इस पोस्ट को पढ़कर आपको कितना फायदा मिलेगा ये इस बात पर निर्भर करता है कि आप अभ्यास कितना करते हैं क्योंकि हम यहां पर पोस्ट लिखने का तरीका बताएंगे लेकिन अभ्यास आप ही को करना है।

Short Sentence (छोटा पैराग्राफ लिखें)

पोस्ट लिखते समय इस बात पर ध्यान रखें कि आपका एक पैराग्राफ दो से तीन लाइन तक का ही होना चाहिए बहुत ज्यादा बड़ा पैराग्राफ ना लिखे छोटे पैराग्राफ वाले पोस्ट को रैंक करने का चांस ज्यादा होता है।

आपका Blog Hindi में है English में है या किसी और लैंग्वेज में हैं आप Blog लिख रहे हैं या वेबसाइट के लिए सामग्री लिख रहे हैं या फिर किसी और काम के लिए कॉन्टेंट लिख रहे हैं लेकिन पैराग्राफ छोटा और सरल भाषा में होना चाहिए ताकि सर्च इंजन आपके सामग्री को नॉर्मल यूजर्स के लिए सजेस्ट कर पाए।

छोटा एवं सरल भाषा पैराग्राफ वाला पोस्ट search engine में जल्दी रैंक करते हैं क्योंकि ऐसे पोस्ट पर विजिटर्स ज्यादा समय बिताते हैं क्योंकि उनको उस पोस्ट को पढ़कर बातें समझ में आती है।

और इससे गूगल के पास पॉजिटिव संदेश जाता है। फिर गूगल आपके उस पोस्ट को अन्य यूजर्स के सामने सजेस्ट करता है और फिर आपका वो पोस्ट सर्च में ऊपर के तरफ आने लगता है।

दूसरे का Post का नकल ना करिए

हमने बहुत से ऐसे लोगों को देखा है जो ये बोलते हैं कि आपको जिस विषय पर लिखना है उसको सर्च करके दूसरे का पोस्ट पढ़िए और उन्हीं के जैसे टाइटल, टैग हेडिंग, सब हेडिंग एवं कांटेन्ट लिख कर डालिए तो आपका पोस्ट भी रैंक करने लगेगा।

लेकिन ऐसा कतई नहीं हो सकता है आप खुद सोचिए जो पोस्ट सर्च इंजन में पहले से टॉप में रैंक कर रहा है अगर आप भी उसी के जैसा नकल करके लिख देंगे तो गूगल एक ही जैसे पोस्ट को ऊपर क्यों लाएगा।

क्योंकि वैसी सामग्री तो ऑलरेडी टॉप में है ही इसलिए आप अपने स्टाइल में लिखिए बल्कि नया लिखने की कोशिश करिए ताकि वैसी सामग्री कहीं और ना हो या फिर कम से कम हो।

हम आपको दूसरे का पोस्ट पढ़ने से मना नहीं कर रहे हैं लेकिन उस पोस्ट में क्या कमियां हैं वो देखें और उस विषय पर बना हुआ वीडियो भी देखें यानी आप हर तरफ सर्च करें की सर्च इंजन में रैंक कर रहे सामग्री को आप किस तरह से लिखें ताकि वो कुछ नया बन जाए और सबसे बेहतर बने।

शीर्षक शीर्षक उपशीर्षक लिखना

WordPress में Title डिफ़ॉल्ट रूप से h1 होता है उसके बाद h2, h3 एवं आगे का सब हेडिंग होते हैं। हेडिंग एवं सब हेडिंग कोई रैंकिंग फैक्टर नहीं होते हैं लेकिन फिर भी हमें इसे अपने पोस्ट में सही जगह पर डालना चाहिए।

क्योंकि हेडिंग और सब हेडिंग हमारे पोस्ट को एक दिशा देते हैं, हेडिंग में हमारे पोस्ट का इंपॉर्टेंट भाग होता है और फिर आगे की कहानी सब हेडिंग में बटता जाता है।

हेडिंग और सब हेडिंग के मदद से विजिटर्स को पोस्ट में आगे सामग्री क्या है यह समझने में आसानी होती है और कई बार गूगल हमारे हेडिंग और सब हेडिंग को ही सर्च इंजन में snippets features में दिखाता है।

अगर आपका एक पोस्ट दो हजार सब्दो का है और उसमें हेडिंग और सब हेडिंग नहीं है तो इतना लंबा पोस्ट को लगातार पढना किसी भी यूजर्स के लिए भारी पड़ता है।

लेकिन अगर आपने अपने इस लंबे पोस्ट में सही जगह पर हेडिंग और सब हेडिंग डाल रखे हैं तो इससे यूजर्स को बीच-बीच में रिलेक्स मिलता रहता है और फिर वो उस पोस्ट को आसानी से पढ़ लेता है।

Bold italic List Quote Columns इत्यादि का उपयोग करना

पोस्ट में आवश्यकता अनुसार Bold, italic, List, Quote, Columns इत्यादि का उपयोग जरूर करें इससे आपका पोस्ट प्रोफेशनल के तरह दिखता है और ये गूगल को भी पसंद होता है।

इस तरह के पोस्ट यूजर्स को भी पसंद आते हैं और उनको पोस्ट में बताए गए बात जल्दी समझ में आ जाता है।

किसी खास लाइन या शब्दों में बुलेट प्वाइंट देने से वो लाइन या शब्द हाईलाइट होते हैं और इससे यूजर्स आपके पोस्ट को अच्छी तरीके से समझ पाते हैं।

Post में Keywords को प्राकृतिक रूप से डालें

हमारे पोस्ट के अंदर पांच ऐसे महत्वपूर्ण जागह होते हैं यहां पर हम Keywords को डालते हैं जैसे-

  • 1. शीर्षक
  • 2. उप शीर्षक
  • 3. मेटा विवरण
  • 4. Internal link के Anchor Text में
  • 5. External link के Anchor Text में

इन पांचों जगह पर Keywords को प्राकृतिक रूप से डालना होता है ऐसा न लगे कि पोस्ट को रैंक कराने के लिए जबरदस्ती कीवर्ड रखा गया है।

हमने बहुत से ऐसे पोस्ट देखे हैं जिसमें कीवर्ड को बार-बार रिपीट किया गया होता है और उसे Bold कर दिया जाता है ये पहले चलता था लेकिन अब गूगल के algorithm बहुत स्मार्ट हो चुका है।

आवश्यकता से अधिक बार डाला गया Keywords वाला पोस्ट को गूगल कीवर्ड स्टफिंग में डालता है जो एक तरह से पेनाल्टी होती है।

अगर कीवर्ड आपके पोस्ट में ज्यादा बार आ भी रहा है तो फिर सभी कीवर्ड को Bold ना करें इससे आप कीवर्ड स्टफिंग वाले पेनाल्टी से बच सकते हैं।

Post लिखने के बाद खुद से पढ़ें

जब आप अपना पोस्ट पूरी तरह से लिख डालें तो उसे एक बार पढ़ें और ये देखें कि उसमें बताए गए बात आपको आसानी से समझ में आ रही है कि नहीं।

आप अपने Post को अपने दोस्त या रिश्तेदारों से भी पढवा कर उनसे ये पूछ सकते हैं कि इस पोस्ट में उन्हें कहां पर किस तरह की दिक्कतें आ रही हैं, क्या वो यहां पर बताए गए बातों को आसानी से समझ पा रहे हैं।

जब आपका पोस्ट कोई यूजर्स ओपन करता है और उस पर ज्यादा से ज्यादा समय बिताता है उस पोस्ट में कमेंट करता है और उस पोस्ट में किया गया इंटरलिंकिंग के द्वारा एक पोस्ट से दूसरे पोस्ट पर जाता है तो ये सिग्नल गूगल के पास एक पॉजिटिव संदेश के रूप में जाता है।

और फिर गूगल को ऐसा लगता है कि आपने बहुत ही अच्छा तरीका से पोस्ट लिखा है इससे यूजर्स को फायदा हो रहा है फिर गूगल आपके उस पोस्ट को अन्य यूजर्स के सामने सजेस्ट करता है और सर्च इंजन में भी ऊपर के तरफ लाता है।

जरूरत से ज्यादा लंबा पोस्ट ना लिखें

हमने बहुत से लोगों से सुना है वो बोलते हैं कि पोस्ट में ज्यादा से ज्यादा शब्द डालने से वो Search Engine में Rank करता है लेकिन ऐसा कतई नहीं है।

अगर आप किसी विषय पर पोस्ट लिख रहे हैं जिसमें सिर्फ 1000 शब्दों की जरूरत है लेकिन आप उसमें दो हजार शब्द डाल देते हैं तो फिर वो पोस्ट अच्छा प्रदर्शन नहीं करेगा।

क्योंकि अगर 1000 शब्दों का पोस्ट पढ़ने का समय 5 मिनट है लेकिन आपने उस पोस्ट को 10 मिनट का बना दिया लेकिन यूजर्स 5 मिनट में ही वापस हो लेंगे तो फिर आपके उस पोस्ट का Bounce Rate बढ़ने लगेगा।

बाउंस रेट बढ़ने के वजह से आपका वो पोस्ट सर्च इंजन में डाउन होने लगेगा इसलिए जितने शब्दों की आवश्यकता हो उतना ही शब्द डालें, पोस्ट रैंक कराने के लिए जबरदस्ती अनाप-शनाप ना लिखें।

आप खुद सोचें अगर एक विषय पर आपके सामने 1000 शब्द का पोस्ट है और उसी विषय पर एक दूसरा पोस्ट 3000 शब्दों का है लेकिन दोनों में बात एक ही बताई गई है तो आपको कौन सा पोस्ट पसंद आएगा।

जहां तक हमें उम्मीद है आपको 1000 शब्दों का पोस्ट ही पसंद आएगा आप अनाप-शनाप नहीं पढ़ना चाहेंगे इसलिए पोस्ट के लंबाई पर ध्यान ना दें उसकी क्वालिटी पर ज्यादा ध्यान दें।

आज के समय में लगभग सभी लोग कम से कम शब्दों को पढ़कर अपने सवालों का जवाब पाना चाहते हैं अनाप-शनाप एवं लंबी चौड़ी बातें पढ़ने के लिए किसी के भी पास इतना वक्त नहीं होता है।

अपने पोस्ट को आवश्यकता के अनुसार ही रखें ना ज्यादा लंबा करें और ना ज्यादा छोटा करें इससे आपके साइट का Bounce Rate एक निर्धारित दिशा में बना रहेगा।

Spelling एवं Grammar का ध्यान रखें

आप किसी भी भाषा में पोस्ट लिखें लेकिन आपके पोस्ट में Spelling एवं Grammar का त्रुटि है तो इससे यूजर्स को भी दिक्कत आती है और सर्च इंजन भी आपके पेज को समझ नहीं पाता है।

Spelling एवं Grammar के लिए किसी टूल के ऊपर निर्भर न रहें आप खुद से इसकी सुधार करें कई बार टूल भी गलत सजेशन दे देते हैं।

पोस्ट डिजाइन का महत्व

आपके Post पर कोई भी यूजर्स आपके Post के डिजाइन को देखने नहीं आता है बल्कि अपने सवालों का जवाब पाने के लिए आता है।

आपका Post का डिजाइन भी अच्छा होना चाहिए लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी होता है आपके पोस्ट की क्वालिटी का हाई होना उस पोस्ट को सर्च इंजन में Rank करने के लिए।

बहुत अच्छा पोस्ट लिखने के बाद आप अपने उस पोस्ट का डिजाइन भी अच्छा कर सकते हैं इसके लिए हेडिंग सब हेडिंग एवं टेक्स को अलग-अलग कलर में बांट सकते हैं।

Google Voice Typing से बोल कर लिखें

आप अपने मोबाइल फोन में Language Settings में जाकर Google Voice Typing को Enable कर सकते हैं फिर जब भी आप कुछ लिखें तो टाइप करने के बजाए कीबोर्ड में माइक के आइकन पर क्लिक करें और फिर बोलना शुरू करें।

आप जो भी बोलते जाएंगे वो लिखता जाएगा। गूगल वॉइस टाइपिंग आपके आवाज को सुनकर ऑटोमेटिक लिखता है आप अलग से हिंदी या अन्य भाषाओं में कीबोर्ड को ऐड कर सकते हैं फिर आप चाहे किसी भी भाषा में बोल कर लिख सकते हैं।

पोस्ट लिखने के लिए Google Docs का इस्तेमाल करें

आप अपने मोबाइल में प्ले स्टोर पर जाकर गूगल के द्वारा डिवेलप किया गया Google Docs App को डाउनलोड करके इसमें अपना आर्टिकल लिख सकते हैं।

Google Docs को ओपन करें एक पेज बनाएं और फिर जैसा कि हमने ऊपर बताया गूगल वॉइस टाइपिंग के द्वारा कीबोर्ड में माइक के आइकन पर क्लिक करके बोलना शुरू करें।

एक पैराग्राफ बोल कर लिखें फिर उसे चेक करें क्योंकि बोलकर लिखने में कहीं-कहीं कभी कुछ त्रुटि हो जाता है अगर कहीं कुछ गलत लिख गया है तो कीबोर्ड के द्वारा टाइप करके उसे सुधारें और फिर दूसरा पैराग्राफ लिखें।

बोलकर लिखने वाला तरीका बहुत ही अच्छा है आप एक घंटे में दो हजार शब्दों का पोस्ट आसानी से बोल कर लिख सकते हैं।

आप अपने मोबाइल में जब Google Docs को ओपन करेंगे तो आपके मोबाइल में जो भी ईमेल एक्टिव होगा उसी से उसमें sign-in हो जाएगा।

फिर आप अपने कंप्यूटर में उसी ईमेल से Google Docs को ओपन करेंगे तो मोबाइल में जो भी काम किए रहेंगे वो आपके कंप्यूटर में दिखाई देगा।

फिर आप उसे कॉपी करके अपने ब्लॉग पोस्ट में पेस्ट कर सकते हैं और ऐसे करके बहुत ही जल्दी पोस्ट लिख सकते हैं।

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