Website SEO Score Free मे कैसे चेक करे, बहुत से नए Blogger अपने Blog या Website पर महीनों तक काम करते हैं लेकिन उन्हें रिजल्ट नहीं दिखता है ना हीं उनके साइट पर कोई ट्रैफिक आता है और ना ही उन्हें ये पता चल पाता है कि वो अपने साइट का SEO (Search engine optimisation) सही तरीके से कर रहे हैं या नहीं।

इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि Website SEO Score Free मे कैसे चेक करे, क्योंकि अपने Blog या Website का SEO को चेक करने के लिए वैसे तो बहुत से टूल है लेकिन कुछ अच्छे वाले टूल पेड है यानी उन्हें हमें खरीदना पड़ता है और जो फ्री है वो सही तरीके से काम नहीं करते हैं।

हम यहां पर Website का SEO Score Free मे चेक करने के लिए एक फ्री टूल बताएंगे इस टूल के मदद से आप अपने पूरा साइट का एसइओ को अच्छा तरीके से चेक कर पाएंगे और जो भी कमियां दिखेगी उसे आप आगे चलकर सुधार पाएंगे।

Website SEO Score Free मे कैसे चेक करे?

Seobillity एक ऐसा साइट है जो हमें डिजिटल मार्केटिंग से संबंधित बहुत सारे टूल मुहैया कराते हैं इन्हीं का एक टूल है SEO Checker ये टूल आपके website का फुल एसइओ चेक करके बताएगा की आपके साइट में एसइओ के क्षेत्र में क्या कमी है और आपको अपने साइट पर और क्या काम करना है जिससे आपका साइट सर्च इंजन में जल्दी से जल्दी रैंक कर पावे।

SEO Checker Tool का इस्तेमाल करना

आप अपने मोबाइल या कंप्यूटर में SEO Checker Tool को ओपन करें और थोड़ा सा नीचे के तरफ स्क्रोल करें और फिर  SEO Checker के बॉक्स पे क्लिक करें (नीचे चित्र देखें)

SEO चेकर टूल
SEO चेकर टूल

SEO Checker के बॉक्स पे करने के बाद आप अपना वेबसाइट का यूआरएल डालें और फिर नीचे Analyze Website के हरे बटन पर क्लिक करें। (नीचे चित्र देखें)

वेबसाइट का विश्लेषण करें
वेबसाइट का विश्लेषण करें

Analyze Website के बटन पर क्लिक करते ही ये टूल आपके Blog या Website का फुल SEO हेल्थ रिजल्ट आपके सामने दिखा देगा।

1. मेटा जानकारी

सबसे पहले ये टूल आपके वेबसाइट का Meta information के बारे में बताएगा मेटा इंफॉर्मेशन में निम्नलिखित बातें होती है जैसे Title, Meta Description, Crawlability, Canonical URL, Language, Page URL, Favicon, Meta tags, इत्यादि।

शीर्षक

आपके ब्लॉग पोस्ट का टाइटल 580 पिक्सल्स तक होना चाहिए अगर आपके ब्लॉग पोस्ट के टाइटल 580 पिक्सल से ज्यादा है तो फिर ये Blog SEO के लिए फिट नहीं बैठता है, क्योंकि सर्च रिजल्ट में सिर्फ 580 पिक्सल तक का ही टाइटल शो होता है बाकी के कट जाते हैं।

मेटा विवरण

सर्च रिजल्ट में टाइटल के साथ Meta Description भी दिखता है इसलिए आप अपने ब्लॉग पोस्ट के मेटा डिस्क्रिप्शन को 624 pixels से लेकर 1000 pixels तक ही रखें अगर आप इससे ज्यादा डिस्क्रिप्शन लिखते हैं तो फिर वो सर्च रिजल्ट में दिखाई नहीं देगा।

क्रॉलेबिलिटी

आपका Blog Post ऐसा होना चाहिए जिसे गूगल के बोट्स आसानी से Crawl कर सकें इसके लिए आप अपने पोस्ट का यूआरएल एवं पोस्ट के अंदर किया गया इंटरलिंकिंग और आउट बाउंड लिंक के ऊपर विशेष ध्यान दें।

क्योंकि अगर आपके पेज का Crawlability सही नहीं है तो फिर गूगल के बोट्स आपके उस पेज को Crawl नहीं कर पाएंगे और फिर वो Index नहीं हो पाएगा।Pan Aadhaar Linking Status कैसे चेक करें

कैननिकल यूआरएल

अगर आपके Blog पर एक से ज्यादा पेज एक जैसा है यानी एक ही जैसा सामग्री है तो फिर उन सभी पेजेस मे एक पेज को Canonical URL घोषित करें नहीं तो फिर गूगल अपने हिसाब से उनमे से किसी एक पेज को Canonical URL मानकर उसे Index करेगा और बाकी के पेज को इंडेक्स नहीं करेगा।

भाषा: हिन्दी

आप अपना ब्लॉग पोस्ट हिंदी में लिखते हैं या इंग्लिश में या किसी अन्य भाषा में, अपने ब्लॉग के सेटिंग्स में भी वही भाषा सेट करें।

पेज का पता

आपके ब्लॉग का यूआरएल का फरमा मीटर सही होना चाहिए उदाहरण के लिए अगर कोई आपके ब्लॉक पर किसी कैटेगरी को ओपन करता है तो उसका यूआरएल कुछ इस प्रकार बनना चाहिए।

फ़ेविकॉन

हम अपने Blog पर एक Logo अपलोड करते हैं और एक Favicon अपलोड करते हैं, फेविकाॅन सर्च इंजन में यूआरएल के साथ में दिखता है।

Logo एवं Fevicon के द्वारा गूगल के साथ ही अन्य यूजर को भी आपके ब्लॉग को पहचानने में मदद मिलती है इसलिए लोगो और फेविकॅन जरूर अपलोड करें।

मेटा टैग

जब हम कोई पोस्ट लिखने की सोचते हैं तो सबसे पहले उसके लिए Keyword Research करते हैं, एक हमारा मेन कीवर्ड होता है और बाकी के उसी से संबंधित अन्य कीवर्ड।

मेन किवर्ड के अलावा अपने पोस्ट से संबंधित जो भी अन्य कीवर्ड होते हैं उन्हें हम अपने पोस्ट के अंदर मेंशन करते हैं एवं Meta Tag में डालते है, ये इसलिए जरूरी होता है ताकि आपका वो पोस्ट अलग-अलग कीवर्ड पे रैंक कर सके।

2. पृष्ठ गुणवत्ता

दूसरे नंबर में ये टूल हमारे Blog का Page quality के बारे में बताएगा। पेज क्वालिटी में निम्नलिखित बातें आती है Content, Mobile optimization, Bold and strong tags, Image SEO, Social Networks, HTTPS इत्यादि।

सामग्री

Content यानी सामग्री, हम अपने पोस्ट के अंदर जो भी बातें लिखते हैं एवं इमेज डालते हैं उसी को Content या सामग्री कहा जाता है।

हमारे एक पोस्ट के अंदर कम से कम 800 वर्ड होने चाहिए एवं एक पैराग्राफ 2 से 3 लाइन का ही seo friendly blog के हिसाब से फिट बैठता है।

मोबाइल अनुकूलन

हमारा Blog मोबाइल के हिसाब से Optimize होना चाहिए यानी जब कोई आपके ब्लॉग को डेस्कटॉप में ओपन करें तो डेक्सटॉप के स्क्रीन में फिट बैठे और मोबाइल में ओपन करने पर मोबाइल में भी बिल्कुल ठीक बैठें।

बोल्ड और मजबूत टैग

हमारे ब्लॉग पोस्ट के टाइटल, हेडिंग, सब हेडिंग, टैग्स ये सभी चीजें Bold एवं Strong होना चाहिए इसके लिए आप अपने ब्लॉग के थिम को ऑप्टिमाइज करके सेट कर सकते हैं या पोस्ट लिखते समय भी ऐसा कर सकते हैं।

छवि एसईओ

Image SEO का शुरुआत इमेज की डिजाइनिंग करते समय ही शुरू हो जाती है जब भी आप अपने ब्लॉग पोस्ट के लिए इमेज डिजाइन करें तो उसे रिनेम करके मेन कीवर्ड जरूर डालें।

इसके अलावा इमेज को Blog Post में अपलोड करते समय Alt tags में अपने पोस्ट के मेन कीवर्ड को डालना ना भूले।

सोशल नेटवर्क

आपके ब्लॉग पोस्ट में social sharing icon जरूर होना चाहिए ताकि जो भी विजिटर आपके पोस्ट को पढे वो अलग-अलग सोशल प्लेटफॉर्म पर उस पोस्ट को शेयर कर पावे।

आप अपने ब्लॉग के widgets में जाकर सोशल शेयरिंग आइकन को ऐड कर सकते हैं या अगर आपका ब्लॉग WordPress पर है तो इसके लिए WordPress plugins भी आती है।

HTTPS के

आपका Blog HTTPS में ओपन होना चाहिए इसे हम ssl certificate के द्वारा करते हैं। आप अपने ब्लॉग को cloudflare से कनेक्ट कर सकते हैं यहा पर आपको फ्री में एसएसएल सर्टिफिकेट मिलता है।

3. लिंक संरचना

स्कूल में SEO Score का तीसरा नंबर रिजल्ट Link structure का होता है एवं इसमें दो तरह के लिंक के बारे में बताए गए हैं Internal Link, External Link.

आंतरिक लिंक

जब हम कोई पोस्ट लिखते हैं तो उसी कैटेगरी के अन्य पोस्ट को अपने इस पोस्ट में लिंक करते हैं और इसे ही Internal Link कहा जाता है।

अपने सभी पोस्ट में internal linking जरूर करना चाहिए इससे गूगल के Crawler को आपके सभी पेज को Crawl करने में मदद मिलती है साथ ही आपके किसी एक पेज पर आए हुए विजिटर उसी इंटरनल लिंक के मदद से अन्य पेज पर भी जाते हैं।

बाहरी कड़ियाँ

हमें अपने पोस्ट में अपना पोस्ट से संबंधित अन्य हाई अथॉरिटी साइट को या पेज को लिंक करना चाहिए और इसे ही External Link कहा जाता है।

4. बाहरी कारक

SEO Checker Tool का चौथा SEO Result External factors होता है और इसमें High Quality Backlink से संबंधित बातें होती हैं।

पश्च

हमें अपना पेज या ब्लॉग के लिए High Quality Backlink बनाना चाहिए इससे हमारे ब्लॉग को उन हाई अथॉरिटी साइट से सपोर्ट मिलता है जिसके वजह से हमारे पेजेस जल्दी रैंक करते हैं।

और अंत में

तो हमने यहां पर Seobillity के SEO Checker Tool का इस्तेमाल अपने Blog या Website के एसईओ हेल्थ चेक करने में किया एवं उन कमियों को सुधारने का सुझाव भी पाया।

हमें उम्मीद है आप के लिए ये पोस्ट Website SEO Score Free मे कैसे चेक करे काफी मददगार साबित हुआ होगा, अगर अभी भी आपके पास इस पोस्ट से संबंधित कोई सवाल या सुझाव है तो नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।

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