SEO SILO Structure Kya Hota Hai

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अगर आप एक Blogger है तो एसईओ SILO Structure Kya Hota Hai इसकी जानकारी आपके पास होना चाहिए क्योंकि आपके साइट अच्छा रैंकिंग प्राप्त करें इसके लिए साइलो स्ट्रक्चर का होना बहुत जरूरी होता है।

अगर आप high competition keywords पर Rank करना चाहते हैं और पहले से Rank कर रहे High Authority Site को भी पीछे छोड़ना चाहते हैं तो आपके साइट का साइलो स्ट्रक्चर होना बेहद जरूरी है।

इस पोस्ट में निम्नलिखित जानकारियां मिलने वाली है जैसे- एसईओ SILO Structure Kya Hota Hai, इसे कैसे बनाया जाता है, WordPress Blog के लिए कैसे बनाते हैं और क्या blogger Blog के लिए भी बनाया जा सकता है, इन सभी सवालों का जवाब पाने के लिए इस पोस्ट को कंटिन्यू पढ़ें।

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SEO SILO Structure Kya Hota Hai

seo silo structure kya hota hai
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अगर आप अपने ब्लॉग पर कई कैटेगरी में पोस्ट लिखते हैं तो इन सभी सामग्री को एसीओ के लिए व्यवस्थित करने के काम को ही SILO Structure कहते हैं।

SILO Structure के द्वारा सर्च इंजन को हमारे सभी पेजस को बेहतर तरीके से Crawl, Index एवं Rank करने में मदद करता है।

SILO Structure हमारा Blog या website का एक तरह से ढांचा होता है जो होम पेज के द्वारा बाकी के सभी पेजेस पर लिंक जूस पास करता है।

हमारे साइट पर सबसे ज्यादा होम पेज को ही लिंक जूस मिलता है इसलिए हम अपने Blog पर सभी Category एवं Pages को होम पेज से लिंक करते हैं ताकि होम पेज के द्वारा हमारे साइट पर जितने भी पेज हैं उन सब को लिंक जूस मिले।

उदाहरण के लिए आपके Blog में पांच Category है और आपने पांचों कैटेगरी पर 10-10 पोस्ट लिख रखा है अब आपके साइट पर टोटल 50 पेज हुएं।

अब आप ने इन पांचों Category को Home Page के मेन्यू में डाल दिया ताकि होम पेज से मिलने वाला लिंक जूस उन पांच कैटेगरी के माध्यम से आपके ब्लॉग के 50 पेज पर पास हो सके।

कहने का तात्पर्य ये है कि आपके Blog के होम पेज पर गूगल का Crawler आवे तो वो होमपेज के ही द्वारा आपके पूरी वेबसाइट को Crawl कर पावे।

क्योंकि आपने अपना सभी Pages को Category के माध्यम से होम पेज पर लिंक कर रखा है। दूसरी तरफ जब आप कोई Backlink बनाते हैं तो होम पेज के लिए बनाते हैं फिर उस बैंकलिंक से होम पेज के द्वारा आपके ब्लॉग के सभी पेजेस पर लिंक जूस पास होता रहता है।

साइलो संरचना का फ़यदा क्या है

साइलो स्ट्रक्चर के निम्नलिखित फायदे हैं जैसे-

  • नया पेज पब्लिश करने पर या पुराने पेज को अपडेट करने पर Indexing का काम तेजी से होना।
  • हमारे साइट पर आए हुए विजिटर को सभी पेजेस तक पहुंच प्राप्त करना आसान हो जाता है।
  • किसी एक पेज को बैकलिंक मिलने पर उसका फायदा हमारे साइट पर मौजूद सभी पेजेस को मिलता है।
  • साइलो स्ट्रक्चर के द्वारा यूजर एक्सपीरियंस बेहतर बनता है।

जब हमारा Blog आगे चलकर पॉपुलर होने लगता है तो लोग हमारे Blog के होम पेज को ही लोग लिंक देना शुरू करते हैं और जब हम SILO Structure के जरिए अपने सभी पेज को होमपेज से जोर रखे होते हैं तो फिर उस लिंक का बेनिफिट्स हमारे साइट पर सभी पेज को मिलता है।

हमारे Blog पर कई सौ पेज हो सकते हैं लेकिन हम उन सभी पेजेस के लिए Backlink नहीं बना सकते हैं हम अपने होमपेज के लिए बैकलिंक बनाते हैं और SILO Structure के जरिए उन सैकड़ो पेज को होम पेज से जोड़े रहते हैं तो फिर उस एक बैकलिंक का जूस सभी पेजेस को पास होता है और हमारा सभी पेज रैंक करते हैं।

आसान भाषा में SILO Structure Kya Hota Hai

अगर हम SILO Structure को आसान भाषा में समझे तो जब हम अपना Blog बनाते हैं और उस पर पोस्ट लिखना शुरू करते हैं तो अलग-अलग तरह के पोस्ट को अलग-अलग कैटेगरी में जोड़ते जाते हैं।

और उन सभी कैटेगरी को अपने साइट के होम पेज पर मेनू में डाल देते हैं ताकि हमारे ब्लॉग पर उपलब्ध सभी पोस्ट हमारे होम पेज से लिंक हो जाए और कोई यूज़र भी होमपेज से ही हमारे ब्लॉग पर उपलब्ध सभी पेजेस पर क्लिक कर कर के जा पाए।

अब ऐसे करने से फायदा ये होता है कि अगर आपके होम पेज के लिए कोई बैकलिंक मिला तो उस लिंक का जूस होम पेज के साथ आपके सभी पेजेस पर पास होगा और एक Backlink से आपके ब्लॉग के सभी पेजेस को फायदा मिलेगा।

SILO Structure के लाभ

SILO Structure के निम्नलिखित लाभ होते हैं जैसे-

  • सामग्री ढूंढना आसान बनाता है।
  • क्राॅलीबिलिटी को बेहतर बनाता है।
  • पाठकों का अच्छा जुड़ाव बना रहता है।
  • इससे बेहतर Organic Ranking मिलती है।

सामग्री ढूंढना आसान बनाता है।

SILO Structure आपके साइट पर आए हुए विजिटर को आपके साइट पर उपलब्ध सभी पेजेस तक पहुंच बनाना आसान बनाता है।

साइलो स्ट्रक्चर एक तरह से साइलो एसीओ होता है अगर आप अपने कंप्टिटर को पीछे करना चाहते हैं तो आपको अपने साइट पर साइलो स्ट्रक्चर का निर्माण करना होगा।

क्राॅलीबिलिटी को बेहतर बनाता है।

साइलो स्ट्रक्चर के मदद से सर्च इंजन आपके सभी पेजेस को आसानी से Crawl कर पाते हैं और इससे फायदा ये होता है कि जब कोई आपके पोस्ट से संबंधित कीवर्ड सर्च करता है तो गूगल आपके पेज को उसके सामने दिखा पाता है।

पाठकों का अच्छा जुड़ाव बना रहता है।

जब आप अपने साइट पर सामग्री को व्यवस्थित करके रखते हैं यानी आपके साइट पर साइलो स्ट्रक्चर का निर्माण हुआ रहता है तो फिर दर्शक भी आप से जुड़े रहते हैं क्योंकि उनको आपके साइट पर उपलब्ध सभी पेजेस पर बहुत ही आसानी से पहुंच मिलती है।

इससे बेहतर Organic Ranking मिलती है।

गूगल भी आपके अपने साइट को यूजर फ्रेंडली बनाने पर जोर देता है इसके लिए SILO Structure का होना जरुरी है।

साइलो स्ट्रक्चर के मदद से गूगल के साथ यूज़र भी ये समझ पाते हैं कि आपका साइट किस विषय पर है और कौन से हिस्से में क्या है।

SILO Structure कितने तरह के होते हैं?

साइलो संरचनाएं 5 तरह के होते हैं जिसे आप अपने ब्लॉग या वेबसाइट पर बना सकते हैं आइए इन सभी संरचनाओं के बारे में जानते हैं।

1. संगठनात्मक साइलो

Organisational SILO को मुख्य रूप से ई-कॉमर्स साइट उपयोग करती है वो ये देखती है कि यूजर कौन से प्रोडक्ट को कहां पर ढूंढते है और उसी हिसाब से उन सभी प्रोडक्ट को एक लाइन से सजाती है।

Organisational SILO का निर्माण इस तरीके से किया जाता है ताकि सर्च इंजन के साथ यूजेस भी आपके साइट पर उपलब्ध सामग्री को आसानी से ढूंढ पाए।

2. लिंक सिलो

Link SILO को आप अपने ब्लॉग के होम पेज पर निर्माण कर सकते हैं आपने कई सारे ब्लॉग के होम पेज पर संबंधित पोस्ट का लिंक या नए पोस्ट का लिंक देखा होगा।

Link SILO क्रॉलर को एक पेज से दूसरे पेज पर जाने में मदद करता है और इससे आपके साइट का Crawling अधिक मात्रा में और आसानी से होती है।

3. पेज साइलो या इंटरनल लिंकिंग

इंटरनल लिंकिंग या इनबॉउंड लिंकिंग को हम पोस्ट लिखते समय करते हैं। अपने नए पोस्ट में उसी कैटेगरी के दूसरे पुराने पेज को लिंक करते हैं।

उदाहरण के लिए आपने पहले एक पोस्ट लिखा था “साइलो स्ट्रक्चर क्या है” और अभी आप एक दूसरा पोस्ट लिख रहे हैं “साइलो स्ट्रक्चर का निर्माण कैसे करें” तो आप इस नए पोस्ट में अपने उस पुराने पोस्ट का लिंक दे सकते हैं और इसी को Page SILO कहते हैं।

4. श्रेणी साइलो

Category SILO का मतलब हुआ कि आप अपने सभी केटेगरी को होमपेज के मेन मेन्यू में डालें एवं अपने वर्डप्रेस थीम को कस्टमाइज करके हर पेज के साइड बार या फूटर के तरफ केटेगरी को रखना।

आपने बहुत सारे Blog के फूटर या साइड बार में लेटेस्ट पोस्ट, न्यू पोस्ट एवं कैटेगरी को देखते होंगे इसे ही हम Category SILO कहते हैं।

5. सर्किल साइलो

Circle का मतलब वृत्ताकार होता है यानी आपको अपने Blog के चारों ओर एक वृत्ताकार साइलो स्ट्रक्चर बनाने चाहिए।

यानी होमपेज हो या पोस्टपेज इनके चारों ओर कैटेगरी से लेकर नई पोस्ट, पुराने पोस्ट का लिंक होना चाहिए जिससे वर्तमान पोस्ट को पढ़ते हुए कोई भी आपके अन्य पोस्ट पर आसानी से जा पाए।

ऐसे में हमारा Blog या पोस्ट user friendly बनता है और साथ ही google के Crawler के लिए भी आपके सभी पेजेस को तेजी से Crawl करने में मदद मिलती है।

अलग-अलग Category क्यों बनाया जाता है?

उदाहरण के लिए आप अपने Blog पर कुछ पोस्ट Blogging से संबंधित लिखे हैं तो उन सभी पोस्ट के लिए एक कैटेगरी बनाएंगे उसका नाम “Blogging” रख सकते हैं और उन सभी पोस्ट को इस कैटेगरी से जोड़ देंगे।

अब आपने कुछ पोस्ट SEO से संबंधित लिखा हुआ है तो इसके लिए आप एक अलग कैटेगरी बना लेंगे जिसका नाम आप चाहे तो Blog SEO रख सकते हैं और उन सभी पेजेस को इस कैटेगरी से जोड़ देंगे।

उदाहरण के लिए आपने Blogging कैटेगरी में 20 पोस्ट लिखा और SEO में 10 पोस्ट तो आपके साइट पर कुल मिलाकर 30 पोस्ट हो गए अब आप अपने साइट के होम पेज पर इन दोनों केटेगरी Blogging और SEO को मेनू बार में डाल देंगे।

अब आपने सिर्फ दो Category को Home Page से जोड़ा और आपके सभी 30 पोस्ट आपके होमपेज से लिंक हो गए उसी केटेगरी के जरिए, इसी को SILO Structure कहा जाता है।

SILO Structure का निर्माण कैसे करें?

अपने Blog पर सभी पेजेस को होम पेज से जोड़ना साथ ही एक ही कैटेगरी के अलग-अलग पेजेस को इंटरलिंकिंग के माध्यम से जोड़ना ही SILO Structure कहा जाता है इसका निर्माण करने के लिए आपको अपने ब्लॉग पर सभी पेजेस को अलग-अलग कैटेगरी में कैटेगराइज्ड करना होगा।

और फिर उन सभी Category को अपने Blog के होमपेज के Mane Menu में डालना होगा जैसे आप इस ब्लॉग के मेन मेन्यू में अलग-अलग कैटेगरी को देख सकते हैं।

फिर आप अपने Blog पर बने हुए पेज जैसे about us, disclaimer, privacy policy, इत्यादि को फूटर मेनू में डाल सकते हैं क्योंकि आपके हर एक पेज से बाकी के सभी पेजेस पर जाने का रास्ता होना चाहिए।

इसके साथ ही पोस्ट लिखते समय भी आप उसी केटेगरी से संबंधित अन्य पोस्ट को अपने नए पोस्ट में interlinking जरूर करें ये भी SILO Structure का ही एक हिस्सा होता है।

साइलो क्यों महत्वपूर्ण हैं

पिछले कुछ सालों से इंटरनेट का यूज बहुत ज्यादा होने लगा है और ऐसे में गूगल रैंकिंग पर ज्यादा फोकस कर रहा है।

Ranking के लिए हमारे Blog या Blog Post का SEO महत्वपूर्ण होता है और SEO के लिए SILO Structure महत्वपूर्ण होता है इसलिए search engine optimization का एक बड़ा हिस्सा है।

अगर आपके साइट पर बहुत सारे पोस्ट हैं और अलग-अलग विषय पर है तो आपको इसे साइलो संरचना के माध्यम से विभाजित करके एक दूसरे से जोड़ना ही होगा तभी आपका ब्लॉग यूजर फ्रेंडली और seo-friendly बन पाएगा।

Q. SILO Structure कब बनाना चाहिए?

उत्तर। अपना Blog या website बनाने के साथ ही साइलो संरचना का निर्माण शुरू कर देना चाहिए। अपना थीम का कस्टमाइजेशन करते समय हेडर से लेकर फूटर एवं साइड बार में कैटेगरी एवं नए पुराने पोस्ट को किस तरीके से सजाना है इसे ध्यान में रखा जाना चाहिए, क्योंकि इससे हमारे पेज का Crawling से लेकर Indexing तक की सभी प्रोसेस काफी तेजी से होती है।

Q. क्या SEO के लिए SILO Structure ही रैंकिंग के लिए काफी है?

उत्तर। वैसे अभी के समय में साइलो संरचना के ऊपर खास करके ध्यान दिया जा रहा है लेकिन SEO Ranking के लिए सिर्फ साइलो संरचना का निर्माण ही नहीं बल्कि और भी बहुत सारे फैक्टर होते हैं।

Q. मैं अपने Blog के लिए SILO Structure का निर्माण कैसे करूं?

उत्तर। अगर अपने शुरुआती में साइलो स्ट्रक्चर के ऊपर ध्यान नहीं दिया तो आप अभी से इसका शुरुआत कर सकते हैं ऊपर पोस्ट में बताए गए बातों को फॉलो करें और आज से ही साइलो संरचना का निर्माण शुरू करें।

Q. SILO Structure के नुकसान क्या है?

उत्तर। SILO Structure या साइलो संरचना के द्वारा हमारा पेज user-friendly एवं seoo-friendly बनता है और यहां पर आए हुए विजिटर आसानी से एक पेज से दूसरे पेज पर नेगीवेट कर पाते हैं साथ ही गूगल के बोट भी हमारे सभी पेजेस को बहुत तेजी से Crawl कर पाता है।

मुझे नहीं लगता कि साइलो संरचना से कोई नुकसान भी होता है इसमें थोड़ा मेहनत जरूर लगता है लेकिन इससे हमें फायदा ही फायदा मिलता है।

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